बनारस न्यूज डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर गुरुवार को वाराणसी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे ‘बेरोजगार दिवस’ के तौर पर मनाते हुए प्रदर्शन किया। पद्मश्री चौराहे से शुरू हुआ प्रदर्शन रवींद्रपुरी स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर की प्रतिमा तक पहुंचा। कार्यकर्ताओं ने बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, ईंधन की कीमतों, बाढ़ और शहर की समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। इस प्रदर्शन की पुष्टि स्थानीय रिपोर्टों में भी हुई है।
प्रदर्शन के दौरान वाराणसी की सीवर व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया गया। हाल में सीवर में बोरा मिलने के मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता प्रतीकात्मक रूप से एक बोरा लेकर पहुंचे और उसे माला पहनाई। उन्होंने सवाल उठाया कि बोरा सीवर तक कैसे पहुंचा और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान अब तक क्यों नहीं हो सकी। प्रदर्शनकारियों ने शहर में सीवर, जलभराव, यातायात और दूसरी नागरिक समस्याओं को भी मुद्दा बनाया।
कांग्रेस ने अपने ‘मोदी शासनकाल के 25 साल-25 सवाल’ अभियान के तहत भी कई मुद्दे उठाए। पार्टी की ओर से नोटबंदी, जीएसटी, कोविड लॉकडाउन, कृषि कानून, पेगासस, चुनावी फंडिंग, मणिपुर हिंसा, सीएए-एनआरसी, अनुच्छेद 370, मीडिया की स्वतंत्रता, बेरोजगारी, निजीकरण और संस्थानों की स्वायत्तता जैसे विषयों पर सवाल रखे गए। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि काशी में बेरोजगारी, महंगाई और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर लोग परेशान हैं।
राघवेंद्र चौबे ने सरकार पर जनता से जुड़े मुद्दों से ध्यान हटाने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस इन समस्याओं को लगातार उठाती रहेगी। प्रदर्शन का संयोजन महानगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष चंचल शर्मा ने किया। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोगों को झुनझुना भी बांटा।